Fashion Helps UK Secure the No.1 Global Rank in Pre-Loved Shopping — Big Reveal in eBay’s New Report
फैशन की दुनिया 2025 में एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ उपभोक्ताओं की पसंद ने पूरे मार्केट का रुख बदल दिया है। पहले जहां लोग नए और ब्रांड-न्यू प्रोडक्ट्स खरीदने में दिलचस्पी रखते थे, वहीं अब दुनिया भर में प्री-लव्ड यानी सेकेंड-हैंड फैशन का ट्रेंड जबरदस्त गति से बढ़ रहा है। eBay की ताज़ा रिपोर्ट में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि UK अब दुनिया का नंबर 1 देश बन चुका है जहाँ लोग सबसे अधिक प्री-लव्ड फैशन खरीदते हैं। यह बदलाव सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि उपभोक्ता मानसिकता, पर्यावरण जागरूकता और फैशन इंडस्ट्री के भविष्य को दिशा दिखाने वाला संकेत है।
पिछले कुछ वर्षों में सस्टेनेबल फैशन को लेकर लोगों की रूचि लगातार बढ़ी है। खासकर UK के उपभोक्ताओं ने सेकेंड-हैंड फैशन को सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बना लिया है। इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में वैश्विक फैशन इंडस्ट्री पर प्री-लव्ड मार्केट का दबदबा और बढ़ेगा।
क्या है eBay की रिपोर्ट का सबसे बड़ा खुलासा?
eBay की ग्लोबल शॉपिंग स्टडी के मुताबिक, UK ने 2024–2025 के दौरान सबसे अधिक प्री-लव्ड फैशन आइटम खरीदे। ब्रांडेड कपड़ों से लेकर लिमिटेड एडिशन स्नीकर्स और डिज़ाइनर बैग तक — हर कैटेगरी में प्री-लव्ड प्रोडक्ट्स की खरीद में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली।
रिपोर्ट में बताया गया कि UK के करीब:
- 65% उपभोक्ता सस्टेनेबल फैशन को बेहतर विकल्प मानते हैं
- 40% लोग ब्रांडेड फैशन सस्ते दामों में पाने के लिए प्री-लव्ड मार्केट चुनते हैं
- 30% युवा विंटेज फैशन को अपनी स्टाइल आइडेंटिटी का हिस्सा बता रहे हैं
इससे यह साबित होता है कि UK में प्री-लव्ड शॉपिंग सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि स्टाइल और पर्यावरण जागरूकता का मिश्रण बन चुकी है।
क्यों बढ़ रही है प्री-लव्ड फैशन की लोकप्रियता?
eBay ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्री-लव्ड फैशन का ट्रेंड कई कारणों से तेजी पकड़ रहा है। सबसे बड़ा कारण है फास्ट फैशन के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता। बड़े-बड़े ब्रांड्स पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगने के बाद, उपभोक्ता अधिक जिम्मेदार खरीद की ओर बढ़ रहे हैं।
यहाँ प्री-लव्ड फैशन के बढ़ते ट्रेंड की मुख्य वजहें हैं:
- 1. पर्यावरण मित्र विकल्प: सेकेंड-हैंड फैशन खरीदकर लोग टेक्सटाइल वेस्ट को कम कर रहे हैं।
- 2. आर्थिक रूप से फायदेमंद: महंगे ब्रांड्स और प्रीमियम स्टाइल बेहद सस्ते दामों पर उपलब्ध होते हैं।
- 3. यूनिक और दुर्लभ फैशन पीस: विंटेज कलेक्शन या आउट-ऑफ-स्टॉक प्रोडक्ट्स सिर्फ प्री-लव्ड मार्केट में ही मिलते हैं।
- 4. गुणवत्ता और टिकाऊपन: पुराने समय के फैशन आइटम की क्वालिटी अक्सर आधुनिक प्रोडक्शन से बेहतर होती है।
- 5. सोशल मीडिया का प्रभाव: यूरोप और UK के इन्फ्लुएंसर्स प्री-लव्ड फैशन को बढ़ावा दे रहे हैं।
भारत पर भी दिख रहा है इस ट्रेंड का असर
भारत में पिछले 2 वर्षों में प्री-लव्ड फैशन का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। कॉलेज युवाओं से लेकर working professionals तक, हर कोई सस्टेनेबल और किफायती फैशन की ओर आकर्षित हो रहा है।
भारत के इन बड़े शहरों में प्री-लव्ड फैशन की सबसे अधिक मांग देखी गई:
- दिल्ली — सबसे ज्यादा रिसेल फैशन खरीद
- मुंबई — विंटेज और डिजाइनर प्री-लव्ड की उच्च मांग
- बेंगलुरु — सस्टेनेबल फैशन का हब
- हैदराबाद — बजट-फ्रेंडली प्री-लव्ड शॉपिंग का ट्रेंड
- पुणे — कॉलेज युवाओं में भारी लोकप्रियता
कई भारतीय स्टार्टअप्स भी इस बढ़ते मार्केट में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में यह उद्योग और तेजी पकड़ने वाला है।
UK कैसे बना दुनिया का No.1 प्री-लव्ड शॉपिंग देश?
eBay की रिपोर्ट ने 5 मुख्य कारण बताए हैं, जिनकी वजह से UK ने यह जगह हासिल की:
- थ्रिफ्ट स्टोर कल्चर का तेजी से विस्तार — यहाँ विंटेज और रिसेल शॉपिंग एक फैशन स्टेटमेंट बन चुकी है।
- युवा पीढ़ी का इको-फ्रेंडली रुझान — युवा पर्यावरण-सचेत फैसले ले रहे हैं।
- ब्रांडेड फैशन की आसान उपलब्धता — लोग कम कीमत में लक्ज़री ब्रांड्स खरीद पा रहे हैं।
- प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा — eBay जैसे मार्केटप्लेस सुरक्षित और authenticated प्रोडक्ट्स प्रदान करते हैं।
- सेलेब्रिटी इन्फ्लुएंस — UK मॉडल्स, एक्टर्स और इन्फ्लुएंसर्स सेकेंड-हैंड फैशन को ग्लैमरस बना रहे हैं।
क्या यह ट्रेंड फैशन इंडस्ट्री के भविष्य को बदल देगा?
हाँ — और इसका असर पहले से ही दिखाई देने लगा है। फैशन ब्रांड्स अब सस्टेनेबल उत्पादन, रिसाइक्लिंग और प्री-लव्ड सेलिंग मॉडल पर काम कर रहे हैं।
2025–2027 के बीच फैशन इंडस्ट्री में ये बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:
- प्री-लव्ड कलेक्शन लॉन्च करने वाले ब्रांड्स की संख्या बढ़ेगी
- अपसाइक्ल्ड और रिसाइक्ल्ड फैशन तेजी से लोकप्रिय होगा
- रिसेल प्लेटफॉर्म्स पर निवेश कई गुना बढ़ेगा
- फास्ट फैशन की स्पीड धीमी हो सकती है
क्या भारत इस बदलाव का फायदा उठा सकता है?
पूरी तरह! भारत में फैशन मार्केट विशाल है और जनसंख्या युवा। प्री-लव्ड मार्केट यहाँ —
- किफ़ायती फैशन lovers
- ब्रांडेड प्रोडक्ट चाहने वालों
- कस्टमर-केंद्रित स्टार्टअप्स
- एथनिक और वेस्टर्न दोनों कैटेगरी
— सभी को लाभ पहुंचा सकता है। खासकर 18–35 आयु वर्ग के लोग इस ट्रेंड के सबसे बड़े चालक बन सकते हैं।
Conclusion
eBay की ताज़ा रिपोर्ट यह साबित करती है कि फैशन की दुनिया तेजी से बदल रही है। UK का दुनिया का नंबर 1 प्री-लव्ड शॉपिंग देश बनना सिर्फ एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि फैशन इंडस्ट्री के भविष्य का इशारा है। उपभोक्ता अब ज्यादा जागरूक, जिम्मेदार और स्मार्ट फैशन चॉइस कर रहे हैं।
भारत में भी यह ट्रेंड तेज रफ्तार से बढ़ रहा है और 2025–2027 तक यह सस्टेनेबल फैशन इंडस्ट्री का बड़ा हिस्सा बन सकता है। आने वाले समय में प्री-लव्ड फैशन सिर्फ ट्रेंड नहीं बल्कि न्यू-एज फैशन कल्चर का सबसे मजबूत आधार होगा।
FAQs
Q1. प्री-लव्ड फैशन क्या होता है?
प्री-लव्ड फैशन ऐसे कपड़े, बैग, शूज़ या एक्सेसरीज होते हैं जिन्हें पहले किसी ने इस्तेमाल किया हो लेकिन वे अच्छी क्वालिटी में दोबारा उपयोग योग्य हों।
Q2. क्या प्री-लव्ड फैशन सुरक्षित होता है?
हाँ, eBay जैसे प्लेटफॉर्म पर सभी प्रोडक्ट्स ऑथेंटिकेशन और क्वालिटी चेक के बाद बेचे जाते हैं, इसलिए यह भरोसेमंद और सुरक्षित होता है।
Q3. क्या भारत में प्री-लव्ड फैशन तेजी से बढ़ रहा है?
हाँ, खासकर युवाओं, छात्रों और सस्टेनेबल फैशन के समर्थकों के बीच यह बहुत लोकप्रिय हो रहा है।
Q4. क्या प्री-लव्ड फैशन महंगे ब्रांड्स को सस्ता बनाता है?
बिलकुल — कई लक्ज़री ब्रांड्स और डिजाइनर प्रोडक्ट्स प्री-लव्ड मार्केट में बेहद सस्ते दामों पर मिल जाते हैं।